सावधान! आने वाला है चक्रवात मोंथा अगले 10 दिन भारी इन राज्यों में आंधी तूफान का अलर्ट जारी Rain Alart February 2026

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक नया बुलेटिन जारी करते हुए देश के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर बड़ी करवट लेने जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच अब चक्रवाती गतिविधियों और तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण 21 राज्यों में भारी बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है।

कोहरे के बाद अब बारिश और शीतलहर का साया

पिछले कुछ दिनों में खिली धूप निकलने से लोगों को कोहरे और शीतलहर से मामूली राहत मिली थी, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत अधिक समय तक नहीं टिकेगी।

  • दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश: अगले 48 घंटों में कोहरे में कमी आ सकती है, लेकिन इसके तुरंत बाद आसमान में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
  • ठंड का प्रभाव: विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर सर्दी का असर बना रहेगा। वर्तमान बारिश के दौर से हवा में नमी बढ़ेगी, जिससे ठिठुरन वाली ठंड एक बार फिर लौट सकती है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि अपडेट

मौसम में बदलाव के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां साझा की गई हैं, जो किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं:

  1. खाद की नई रेट लिस्ट (Fertilizer Prices 2026): वर्ष 2026 के लिए यूरिया, डीएपी (DAP), पोटाश और एनपीके (NPK) की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। किसान भाई अब नई आधिकारिक रेट लिस्ट के आधार पर ही अपनी खाद की खरीदारी करें।
  2. गर्मी में मक्का की खेती: गर्मी के सीजन में मक्का की फसल से बंपर पैदावार लेने के लिए टॉप 5 हाइब्रिड किस्मों का सुझाव दिया गया है। सही प्रबंधन और उन्नत बीजों के इस्तेमाल से किसान प्रति एकड़ 60 क्विंटल तक का दमदार उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
  3. ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कम से कम 5 राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने का उचित प्रबंध करें।

सुरक्षा और सावधानी

यह मौसम अपडेट वर्तमान सैटेलाइट डेटा और आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित है। चूंकि स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए नागरिकों और किसानों को क्षेत्रीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के प्रभाव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

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