देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक मजबूत आर्थिक आधार बनी हुई है। 19 नवंबर 2025 को 21वीं किस्त जारी होने के बाद अब किसानों को 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹2000 की सहायता राशि ट्रांसफर की जा सकती है।
सीधे बैंक खाते में आएगी सहायता राशि
पिछली किस्तों की तरह इस बार भी 22वीं किस्त का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इस पारदर्शी प्रक्रिया से बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पूरा लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचता है। जिन किसानों का बैंक विवरण और आधार लिंक सही है, उन्हें बिना किसी रुकावट के यह राशि प्राप्त होगी।
इन किसानों को मिलेगा प्राथमिकता पर भुगतान
योजना का लाभ पाने के लिए कुछ तकनीकी शर्तों का पूरा होना अनिवार्य है। निम्नलिखित किसानों को पहले भुगतान मिलने की उम्मीद है:
- जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी कर ली है।
- जिनका आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक है।
- जिनके भूमि रिकॉर्ड (Land Seeding) का सत्यापन हो चुका है।
22वीं किस्त का स्टेटस कैसे देखें?
किसान भाई घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी किस्त की स्थिति जांच सकते हैं:
- सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाएं।
- होमपेज पर ‘Beneficiary Status’ या ‘Payment Status’ विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- कैप्चा कोड भरकर ओटीपी के माध्यम से जानकारी सत्यापित करें।
- इसके बाद स्क्रीन पर आपकी किस्त का पूरा विवरण दिखाई देगा।
पैसा न आने पर क्या करें?
यदि किस्त जारी होने के बाद भी आपके खाते में पैसा नहीं पहुँचता है, तो परेशान न हों। सबसे पहले पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें। यदि वहां ‘Aadhaar not seeded’ या ‘e-KYC incomplete’ दिखाई दे रहा है, तो तुरंत अपने नजदीकी CSC सेंटर या बैंक शाखा में जाकर विवरण अपडेट कराएं। भूमि रिकॉर्ड में त्रुटि होने पर संबंधित तहसील कार्यालय या कृषि अधिकारी से संपर्क करना आवश्यक है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह किस्त?
यह किस्त रबी सीजन के दौरान मिलने की संभावना है, जो खेती के लिहाज से बहुत अहम समय है। इस समय खाद, बीज और सिंचाई जैसे कृषि खर्चों को पूरा करने में यह ₹2000 की राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए काफी मददगार साबित होगी।