जबरदस्त बर्फबारी ने बदला देशभर में मौसम का मिजाज भयंकर बारिश और ठंड का अलर्ट जारी Snowfall Alert Today 2026

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से अगले 48 घंटों में कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। पिछले कुछ दिनों की खिली हुई धूप के बाद, अब पाकिस्तान और पंजाब की ओर से आने वाले बादलों ने हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसमान पर डेरा डालना शुरू कर दिया है।

इन राज्यों में बिगड़ेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले दो दिनों में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में मौसम खराब रहने के आसार हैं:

  • पंजाब और हरियाणा: इन राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना है।
  • राजस्थान: राज्य के उत्तरी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
  • दिल्ली-एनसीआर: राजधानी और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: यहाँ भी अगले दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और शीतलहर का प्रकोप फिर से बढ़ सकता है।

किसान भाइयों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

मौसम में आए इस अचानक बदलाव और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है:

  1. कीटनाशक छिड़काव टालें: यदि आपके क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं, तो किसी भी प्रकार की दवा या कीटनाशक का स्प्रे टाल दें। बारिश होने पर दवा धुल जाएगी और आपकी लागत व मेहनत बेकार जा सकती है।
  2. सिंचाई पर नियंत्रण: बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में पानी लगाना (सिंचाई) रोक दें, ताकि जलभराव की समस्या न हो।
  3. PGR का उपयोग: गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों में अधिक बढ़वार को नियंत्रित करने के लिए पीजीआर (PGR) का उपयोग केवल मौसम साफ होने के बाद ही करें।

ठिठुरन और गलन बढ़ने के संकेत

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से न्यूनतम तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जाएगी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और बर्फीली हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में गलन बढ़ेगी, जिससे ठंड का प्रकोप दोबारा तेज होगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 फरवरी के बाद ही आसमान पूरी तरह साफ होना शुरू होगा, जिससे लोगों को राहत मिल सकती है।

निष्कर्ष: उत्तर भारत के लिए आने वाले 48 घंटे काफी संवेदनशील हैं। इस मौसमी हलचल से कृषि कार्यों और सामान्य जनजीवन पर सीधा असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के ताजा पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही अपने कार्यों की योजना बनाएं।

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